Asli Rozedar Ramadan Whatsapp Message #2

12:32:00 Malik Junaid Rasheed 0 Comments

#असली_रोज़ेदार

माहे रमज़ान मे कुछ जवानो ने एक बुढे को
देखा के वो छुप कर खा पी रहा है।

जवानो ने उस बुढे से पुछा चाचा आप रोज़े
से नही हो?

बुढे ने कहाँ हाँ रोज़े से हुँ सिर्फ खाता पीता हुँ।

जवानो ने हंसते हुवे कहा "क्या वाकई तुम रोज़े से हो?

बुढे ने कहा "वाकई मे रोज़े से हुँ लेकिन मेरा
रोज़ा इस तरह है कि मैं झुट नही बोलता,
मैं गाली नही देता,
मैं गैर औरत कि तरफ नज़र नही करता,
मैं हराम माल नही खाता,
मैं किसी का मज़ाक नही उङाता,
मै अल्लाह कि मना कि गई जगह पर नही
जाता,
ना कोई वाजिब ना सुन्नत ना फर्ज़
छोङता हुँ बस खाता पीता हू क्योकि मैं
बुढा हूँ मुझसे भुखा नही रह जाता।

फिर बुढे ने उन जवानो से पुछा क्या
तुम्हारा रोज़ा है?

जवानो ने नज़रे झुका के शर्म के साथ जवाब
दिया नही हमारा रोज़ा नही है हम
सिर्फ खाते पीते नही है।

दुआ - या अल्लाह हमे सही रोज़ा रखने, रोज़े का एहतराम करने और रोज़े कि रुह से वाकिफ होने की तौफिक अता फरमा...

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